कम AI उपयोग वालों में छंटनी का जोखिम तीन गुना:गैलप सर्वे के मुताबिक एआई इस्तेमाल न करने से नौकरी गंवाने का खतरा 18%

अब नौकरी में सिर्फ मेहनत और अनुभव काफी नहीं हैं। एआई का इस्तेमाल न करने वाले कर्मचारियों को सर्तक होने की जरूरत है। अमेरिका में 23 हजार से ज्यादा कर्मचारियों पर हुए गैलप सर्वे के मुताबिक जो टेक कर्मचारी नियमित रूप से एआई का उपयोग नहीं करते, उनके नौकरी गंवाने की आशंका एआई उपयोग करने वालों की तुलना में तीन गुना ज्यादा है। सर्वे के मुताबिक एआई का नियमित इस्तेमाल करने वालों में छंटनी का जोखिम 6% रहा, जबकि कम इस्तेमाल करने वालों में यह 18% तक पहुंच गया। गैलप की रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि कंपनियों के भीतर एआई को अपनाना एक विवाद का मुद्दा बनता जा रहा है। नियोक्ता पहले से ही उम्मीदवारों की एआई दक्षता के स्तर की जांच कर रहे हैं। यह तकनीक इस बात को भी प्रभावित कर सकती है कि कंपनियां छंटनी के दौरान किन कर्मचारियों को बनाए रखना चाहती हैं। कंपनियां अब एआई कौशल को अतिरिक्त योग्यता नहीं, बल्कि डेली काम का जरूरी हिस्सा मानने लगी हैं। अच्छी बात ये है कि भारत में एआई सीखने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और इसका असर वेतन व करियर ग्रोथ पर दिखने लगा है। 40% कंपनियों ने छंटनी का कारण एआई को माना सर्वे का दिलचस्प निष्कर्ष यह भी रहा कि नौकरी गंवाने वाले सिर्फ 1% कर्मचारियों ने एआई को इसकी वजह बताया। अधिकांश लोगों ने पुनर्गठन, लागत में कटौती व आर्थिक परिस्थितियों को कारण माना। वहीं, आउटप्लेसमेंट फर्म चैलेंजर, ग्रे एंड क्रिसमस के अनुसार पिछले महीने घोषित जॉब कटौती के करीब 40% मामलों में कंपनियों ने एआई को एक कारण बताया। हालांकि कंपनियां उत्पादकता बढ़ाने के लिए एआई कौशल को तेजी से महत्व दे रही हैं। एआई सीखने वालों की आय 147% तक बढ़ी एआई सीखने के बाद पेशेवरों की औसत आय 147% और महिलाओं की 145% बढ़ी। स्केलर रिपोर्ट के अनुसार महिला क्वालिटी एनालिसिस इंजीनियरों को ज्यादा फायदा मिला, उनकी आय 574% तक बढ़ी। वहीं, शुरुआती करियर वाले कर्मचारियों को अधिक लाभ मिला। हर पांचवां एआई सीखने वाला अब छोटे शहरों से 11,444 पेशेवरों पर हुए स्केलर की रिपोर्ट बताती है कि एआई सीखने वाले करीब 20% लोग टियर-2 शहरों से हैं। इनमें इंदौर, जयपुर, लखनऊ, पटना, नागपुर और कोयंबटूर जैसे शहर शामिल हैं। अब एचआर, मार्केटिंग, फाइनेंस, कंसल्टिंग जैसे क्षेत्र भी तेजी से एआई अपना रहे हैं।

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