चैट-GPT लंबे काम के दौरान ब्रेक लेने का रिमाइंडर देगा:यूजर्स की मेंटल हेल्थ पर फोकस; लोग हर दिन 250 करोड़ सवाल पूछ रहे

ओपनएआई ने अपने पॉपुलर एआई चैटबॉट चैट-GPT में मेंटल हेल्थ से जुड़े नए फीचर्स जोड़े हैं। इन फीचर्स में आपको लंबे काम के दौरान ब्रेक लेने का रिमाइंडर मिलेगा। यह फीचर 30 मिनट से ज्यादा चैट करने पर ‘क्या यह ब्रेक लेने का सही समय है?’ जैसा प्रॉम्प्ट सजेस्ट करेगा। इन फीचर्स के जरिए चैट-GPT अपने 50 करोड़ वीकली यूजर्स की मेंटल हेल्थ पर फोकस कर, ओवर वर्किंग से रोकना चाहता है। कंपनी का कहना है कि एक तरफ वे अगले बड़े AI अपग्रेड GPT-5 को लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं उनका ध्यान इस बात पर भी है कि चैटबॉट का इस्तेमाल करते समय लोगों की मानसिक सेहत ख्याल रखा जाए। अब ज्यादा समझदारी भरे जवाब देगा चैट-GPT नए फीचर्स में चैट-GPT से रिश्ते, आपके करियर या जिंदगी से जुड़े मुश्किल और भावनात्मक सवाल के जवाब अब सीधा-साधा हां या ना में नहीं देगा। इसके बजाय, यह आपको अलग-अलग पहलुओं को समझने में मदद करेगा। यह आपको शांत और संतुलित लहजे में हर विकल्प के फायदे और नुकसान बताएगा। हर दिन 250 करोड़ सवालों के जवाब दे रहा चैट-GPT चैट-GPT दुनियाभर में हर दिन 250 करोड़ से ज्यादा प्रॉम्प्ट (सवाल या काम) के जवाब दे रहा है। इसमें 33 करोड़ प्रॉम्प्ट्स अकेले अमेरिका से आते हैं। दिसंबर 2024 में यह आंकड़ा 100 करोड़ प्रतिदिन था, यानी 6 महीनों में उपयोग दोगुना से ज्यादा हो गया। Axios की एक रिपोर्ट के मुताबिक चैट-GPT सालाना 912.5 अरब सवालों के जवाब दे रहा है। वहीं गूगल पर हर साल 5 ट्रिलियन सर्च (लगभग 1,370 करोड़ प्रतिदिन) किए जाते हैं। ओपनएआई के प्रवक्ता रॉब फ्रीडलैंडर ने इन आंकड़ों की पुष्टि की है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में भी चैटजीपीटी की वेबसाइट और एप का उपयोग खासकर 25-34 साल के युवा और स्टूडेंट्स में तेजी से बढ़ रहा है। चैट-GPT के करीब 50 करोड़ वीकली एक्टिव यूजर्स अभी चैट-GPT के करीब 50 करोड़ वीकली एक्टिव यूजर्स हैं जिनमें से ज्यादातर फ्री वर्जन इस्तेमाल करते हैं। भारत और अमेरिका, दोनों 16% ट्रैफिक के साथ चैटजीपीटी के सबसे बड़े बाजार हैं। ब्राजील, कनाडा, और फ्रांस भी टॉप देशों में शामिल हैं। भारत में स्टूडेंट्स इसे पढ़ाई, होमवर्क, और जटिल कॉन्सेप्ट्स समझने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। दिसंबर 2024 में 30 करोड़ साप्ताहिक यूजर्स थे। 2015 में शुरू हुई थी ओपन AI ओपन AI (Open AI) एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेवलप करने वाली कंपनी है। इसकी स्थापना 2015 में इलॉन मस्क, सैम ऑल्टमैन और उनके कुछ दोस्तों ने मिलकर की थी। यह AI टेक्नोलॉजी विशेष रूप से जेनेरेटिव AI और लार्ज लैंग्वेज मॉडल (जैसे चैट GPT) के डेवलपमेंट के लिए जाना जाता है। कंपनी का मिशन सेफ और ह्यूमन सेंट्रिक AI डेवलप करना है। कंपनी सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया में स्थित है। चैट-GPT क्या है? चैट-GPT यानी चैट जनरेटिव प्री ट्रेन्ड ट्रांसफॉर्मर। यह ओपन-AI का एक आर्टिफिशियली इंटेलिजेंट चैटबॉट है। चैट-GPT के पास हर उस सवाल का जवाब है जो इंटरनेट पर मौजूद है, लेकिन यह उसी सवाल का जवाब दे सकता है जो पहले इंटरनेट पर पूछा गया हो। यह एक सॉफ्टवेयर है, जो इंटरनेट पर मौजूद जानकारी को पढ़कर जवाब देता है।

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