टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल की सर्विसेज देशभर के कई हिस्सों में डाउन है। डाउन डिटेक्टर के मुताबिक, कई यूजर्स को नेटवर्क, मोबाइल डेटा, नो सिगनल और वॉयस सर्विसेज में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वेबसाइट और ऑनलाइन सर्विसेज का रियल टाइम स्टेटस बताने वाले प्लेटफॉर्म डाउन डिटेक्टर के अनुसार, एयरटेल की सर्विसेज में दोपहर 3 बजे से समस्या देखने को मिल रही है। वहीं शाम 4:30 बजे सबसे ज्यादा करीब 3,500 शिकायतें दर्ज की गईं। समस्या फेस कर रहे करीब 74% लोगों को मोबाइल फोन सर्विसेज में दिक्कत आई। 15% लोगों को मोबाइल इंटरनेट में दिक्कतें हुईं। वहीं 15% लोगों ने नो सिगनल की रिपोर्ट दर्ज की हैं। हमारी टीम समस्या को हल करने के लिए काम कर रही है एयरटेल ने कहा, 'हम वर्तमान में नेटवर्क आउटेज का सामना कर रहे हैं। हमारी टीम इस समस्या को हल करने और सर्विसेज को तुरंत बहाल करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। यूजर्स को हुई असुविधा के लिए खेद है।' पहली तिमाही में कंपनी को ₹7,422 करोड़ का मुनाफा कंपनी ने 12 दिन पहले वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए। नतीजों के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी को ₹7,422 करोड़ का मुनाफा हुआ है। सालाना आधार पर यह 57.31% बढ़ा है। अप्रैल-जून 2024 में यह ₹4,718 करोड़ रहा था। अप्रैल-जून में रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹49,463 करोड़ पहली तिमाही (Q1FY2026) में कंपनी ने संचालन से 49,463 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया। पिछले साल के मुकाबले यह 28.46% ज्यादा है। Q1FY2025 में कंपनी ने ₹38,506 करोड़ का रेवेन्यू जनरेट किया था। वस्तुओं और सेवाओं को बेचने से मिलने वाली कुल राशि रेवेन्यू होती है। एयरटेल के होम्स बिजनेस के राजस्व में 26% की बढ़ोतरी स्मार्टफोन डेटा ग्राहक 2.13 करोड़ हुए, तिमाही आधार पर 39 लाख बढ़े 1995 में हुई थी भारती एयरटेल की शुरुआत भारत सरकार ने 1992 में पहली बार मोबाइल सेवा के लिए लाइसेंस बांटने शुरू किए। कंपनी के फाउंडर सुनील मित्तल ने इस अवसर को समझा और फ्रेंच कंपनी विवेंडी के साथ मिलकर दिल्ली और आस-पास के इलाकों के लाइसेंस हासिल किए। 1995 में मित्तल ने सेल्युलर सर्विस ऑफर करने के लिए भारती सेल्युलर लिमिटेड बनाई और एयरटेल ब्रांड के तहत काम शुरू किया।
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