चीन का ड्रोन कंट्रोल:दुनियाभर के 80% ड्रोन बनाने वाले चीन में मई से रियल-नेम रजिस्ट्रेशन और मोबाइल लिंकिंग जरूरी

दुनिया के करीब 80% कमर्शियल ड्रोन बनाने वाला चीन अब अपने आसमान में सख्ती से ‘ड्रोन कंट्रोल’ लागू कर रहा है। 2025 तक देश में 30 लाख से ज्यादा ड्रोन रजिस्टर्ड हो चुके हैं, जो एक साल में 50% की वृद्धि है, लेकिन इसी तेजी के साथ सरकार ने नियंत्रण भी कड़ा कर दिया है। बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर सजा और जेल तक का प्रावधान लागू किया गया है। मई से हर ड्रोन का रियल-नेम रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा और उड़ान का डेटा रियल टाइम में सरकार तक जाएगा। ड्रोन का रियल टाइम डेटा सरकार को देना होगा - ड्रोन को आईडी या मोबाइल नंबर से लिंक करना जरूरी होगा। - उड़ान का रियल टाइम डेटा सरकार के पास भेजना होगा। - प्रतिबंधित क्षेत्रों में उड़ान से एक दिन पहले परमिट लेना अनिवार्य। - कई शहरों में बड़े हिस्से को नो-फ्लाई जोन घोषित किया। - छोटे ड्रोन को भी 400 फीट से नीचे सीमित छूट दी गई है। - बीजिंग में ड्रोन की बिक्री, किराया और बाहरी एंट्री पर भी रोक। - एक पते पर अधिकतम 3 ड्रोन रखने की सीमा तय की गई है। - बिना अनुमति उड़ान पर जुर्माना, जब्ती और जेल का प्रावधान। - ड्रोन बाजार पर भी असर साफ दिख रहा है। लोकल मार्केट में डिमांड घटने से डीलरों की बिक्री तेजी से घटी है,कई लोग ड्रोन फोटोग्राफी जैसे नए बिजनेस छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।

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